Thursday, November 16, 2023

 मैं एक परिवार बनाता हूं

परिवार एक समाज बनाता है

समाज एक गांव बनाता है

गांव एक शहर बनाता है

शहर एक प्रदेश बनाता है

प्रदेश एक देश बनाता है



कैसे कह दूं

निर्मुल्य हूं मैं????

मेरे महत्व को मत आंको 

एक राष्ट्र बनाता हूं मैं।।।।।


खुद को आईने में रख

खुद को बताओ 

एक राष्ट्र बनाता हूं मैं।।।।।।

अपने परिवार,

अपने अस्तित्व,

अपने भविष्य के लिए

एक राष्ट्र बनाता हूं मैं।।।।।।।।


याद रखना,

बच्चों को पीने के लिए पानी देना है

सांस लेने के लिए हवा देना है

अन्न उगाने के लिए जमीन देना है

...........

उनको ये राष्ट्र देना है।।।।।।।।।


हरि ॐ


राम यादव

16.11.23


Saturday, November 11, 2023

 ओ कॉरपोरेट सत्ता धारियों


तुम इन त्यौहारों को कैसे मना सकते हो?????


लाभ और मानव श्रम विभाजित करने वालों........


देखो,

तुम्हारे मजदूर या गांव के किसान

भाग रहे हैं अपनी धरती को मिलने

ट्रेनों बसों में भर भर कर

शहरों से गांव की तरफ....


उस धरती से मिलने

जो यूरिया से दब गई

सल्फास से मिट गई

फैक्ट्रियों के नालों से सिंच कर

चिमनियों की उगलती राखों से सांस लेकर

केचुओं, गौरैया, बैलों की लाशों वाली हरित क्रांति में

मानव जाति को अल्पायु कर....


लेकिन तुम चिंता मत करो

ये वापस आयेंगे तुम्हारी अर्थवादी दुनियां में ।।।।।।।


फसलों के उल्लास वाले पर्वों को मनाते मनाते

ये गरीब किसान

अब रईस मजदूर हो चुके हैं।।।।




हरि ॐ



राम यादव

11.11.23



 

  परमाणु विभीषिका का महासंकट और गाय · गंगा · गांव — राम सिंह यादव ★ ★ ★ परमाणु विभीषिका का महासंकट और गाय · ...