Sunday, November 5, 2023
Tuesday, October 24, 2023
मृत्यु से मिल कर वापस आना
फिर देखना
कि खाना खाकर
मरने आए थे।
अभी तो,
हाईवे के चारों ओर से लेकर शहर, गांव, जंगल, खलिहान, खेत
सब जगह ढूंढ रहा हूं
कोई दो सौ साल पुराना पेड़ नहीं दिख रहा
वैसे पेड़ की उम्र हजारों सालों तक हो सकती थी
कुछ सालों ने,, लाखों सालों को खत्म कर दिया...
गाय के साथ जंगलों में बांसुरी का संगीत...
कुओं और ऋतु आने का उल्लास
हजारों सालों से लड़ाइयां
संस्कृति, सभ्यताओं की।।।
अभी त्यौहार हैं
बकरे के खून से सना
रावण लकड़ी में जल रहा
नदी-नाली में खूबसूरत साबुन की खुशबू सड़ रही
गाजा यूक्रेन सीरिया में बेलगाम जनसंख्या के राक्षस
शायद
यहां खाना खाकर मरने आते हैं
बच्चों औरतों की लाशों को दिखा कर
रोते और चिल्लाते हैं।
क्या ये भी है,
चींटी का भी परिवार होता है
मछली की भी औलाद होती है
बरगद भी बच्चे पैदा करता है
और तुलसी भी खुशियों में किलकाती है।।।।
जिंदगी को जानने के लिए
एक बार मौत से मिलना चाहिए
खाना खाकर मरने से पहले।।।।
बच्चे पैदा करना..
फिर इनको लड़ने मरने के लिए
धरती को परती बना देना
विकास
कुछ सालों का
कुछ सालों तक
फिर अंधी मौत का करुण क्रंदन
एक बार मौत से मुलाकात कर लेना।
मरने से पहले।।।।।।
प्यासा गला लिए
परमाणु विस्फोट
या यूं कहूं
प्लेटलेट वापस आ गई हैं
उस वक्त पैसा था
पर आंखें ड्रिप्स को देख रही थीं
😌🙏🏻हरि ॐ🙏🏻😌
Monday, October 9, 2023
सदियों से आदमी मारता रहा आदमी को......
इंसानियत और दुनियां महफूज़ रखने के लिए।।।
धर्म, जाति, प्रांत, सत्ता, समाज के ढोंग को रचाने के लिए।।।।।।।।
या फिर खुद को श्रेष्ठ बता मानसिक कुंठा छिपाने के लिए
😌😌😌
खुद को सही साबित करने के लिए,,,,,,
इंसान सारे कुकर्म, सुकर्म में सिद्ध कर देता है
।।।।।।
वो इजराइल-फिलीस्तीन हो,
यूक्रेन-रूस या कश्मीर-पाकिस्तान हो
लाशों में बदलती इंसानियत को
झूठे मन बहलाते
जन्नत के किस्सों में लिख देता है।।
वो नस्लों में बचपन से ही जहर भर देता है।।।।।।।
ले चल बिखरे विश्व को अगली पीढ़ी में
हजारों सालों से जीवित
सनातन भारत
सदैव नूतन भारत
😌हरि ॐ😌
वन क्रांति जन क्रांति
Sunday, October 1, 2023
Friday, September 29, 2023
Friday, September 15, 2023
Thursday, September 7, 2023
जनसंख्या
https://www.bbc.com/hindi/media-66735432
विश्व की सबसे तेज बढ़ने वाली जीडीपी दर वाली अर्थव्यवस्था का असली हश्र।
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लगभग हर युग में इंसान अपने भगवान बनाता रहा.... कल्पनाओं में बनी स्वर्ग-नर्क, देवता-राक्षस, धर्म-अधर्म की गाथाएं सुनाता रहा!!!!!!!! सबके भगव...
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मेरी िजदंगी के कुछ अनजान लमहों ने पूछा हमें पहचानते हो ? मुझे लगा शायद ये मजाक है ! मेरा सवाल ओेर मेरा ह...
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