Sunday, February 27, 2022
यूक्रेन
वो चहचहाती सुबह होगी.
नारंगी आसमान में भीनी सी ताज़ी सुगंध तैर रही होगी.
बच्चे कुनमुनाने से जगाए जा रहे होंगे,
प्रेयसी प्रियतमों को चुम्बन से जगा रही होंगी ।
वो भोर एक दिन और जिंदगी को आगे ले जाने आयी होगी...
सब तरफ खिलखिलाते चेहरे मंगल गीत गा रहे होंगे।।।
बेखबर से ।।।।
उस काल चक्र से बेखबर,,
जो हमारी क्रूर नियति को छिपा कर ला रहा होगा।।।।
फिर कुछ जहाज़ चल पड़े होंगे
हिरोशिमा और नागासाकी लेकर
लेकर लाखों इंसानों के चिथड़े...
लेकर महलों की राख....
लेकर करोड़ों दरकते सपने...
लेकर बियाबां मौत का सन्नाटा।।।।।
हाँ सच में
मानवता की दुहाई देते
वो चरम राष्ट्र
फिर एक खूनी खेल खेलेंगे
फिर हथियारों की श्रेष्ठता सिद्ध करने आ रहे होंगे ।।।।।
कौन कितने मार सकता है
ये सवाल राक्षसों और देवताओं के युध्द से
हम तुच्छ इंसान भी गिनने बैठेंगे ।।।।।।
हम उस अभागी पीढ़ी के वाहक हो जाएंगे
जिसने उत्कृष्ट मानव को सृष्टि का संहार करते देखा ।।।।।।
कोरोना, हिग्स बोसोन, वर्चुअल एहसासों को
हाइड्रोजन सूरजों से भाप बनते देखा।।।।।।
वन क्रांति - जन क्रांति
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Sunday, April 18, 2021
Monday, May 11, 2020
Friday, April 17, 2020
Monday, March 30, 2020
Sunday, March 10, 2019
परमाणु विभीषिका का महासंकट और गाय · गंगा · गांव — राम सिंह यादव ★ ★ ★ परमाणु विभीषिका का महासंकट और गाय · ...
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लगभग हर युग में इंसान अपने भगवान बनाता रहा.... कल्पनाओं में बनी स्वर्ग-नर्क, देवता-राक्षस, धर्म-अधर्म की गाथाएं सुनाता रहा!!!!!!!! सबके भगव...
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मेरी िजदंगी के कुछ अनजान लमहों ने पूछा हमें पहचानते हो ? मुझे लगा शायद ये मजाक है ! मेरा सवाल ओेर मेरा ह...
















